April 27, 2017

A Requiem to Smt. Sushila Thakur (28,Nov,1931-21,June,2016) !

A Requiem to Smt. Sushila Thakur (28,Nov,1931-21,June,2016) !

अपने तई


डायरी के पन्नो मे स्मृतियों का दंश  ! 

विगत २१ जून २०१६ को वरिष्ठ कथाकार व समीक्षक डा. देवेश ठाकुर की जीवन संगिनी श्रीमती सुशीला ठाकुर का देहावसान हो गया था इस दुखदः घटना के बाद  सा समीचीन का अंक में देवेश जी द्वारा लिखी गयी डायरी के पुश्टों पर लगभग बचपन वर्षों तक जीवन के सुख दुःख में साथ साथ जीवन व्यतीत करनेवाली जीवन संगिनी का इस तरह चले जाना उनके लिए ही नहीं बल्कि हम मित्रो, और परिजनों के लिए भी अत्यंत ही मारक रहा है देवेश जी की संवेदना के मार्मिक अभिव्यक्ति दाखल किया गया है उन्होंने २१ जून २०१६ से २३ जुलाई २०१६ के बीच तक बिता संकट  मई पलों को कैद कर किताब में लिख कर पढने वालों के साह शेयर किया है श्रीमती सुशीला ठाकुर ,देवेश जी  ने इस कठिन समय में अपने आपको संभाला है स्मृतियों के दंश को इन पत्रोमे अभिव्यक्त कर शायद उनके दुखः का एहसास कुछ शमित हुवा होगा ऐसी उमीद्द है डाइरी के यह पुष्ट देवेश जी की करुणा, प्रेम और संवेदना के साथ साथ दुखः से भरी मनः स्थिति और उनके व्यक्तित्व की ढृडता का परिचायक बन सकेंगे, इसी उम्मीद के साथ "समीचीन" अंक  प्रस्तुत किया गया है।

\देवेश  जी की साहित्यिक सृजन यात्रा की सच्चे अर्थो में प्रेरणा-स्रोत और पारिवारिक दायित्वों की प्रति उनकी निश्चितता का आधार रही है ऐसे जीवन साथी का चले जाना डेवेशजी के लिए निश्चित ही असहनीय व्यथा रही होगी लेकिन अपने दृढ़ संकल्प शक्ति और सकारात्मक सोच के आधार पर देवेश जी ने 

-डॉ. सतीश पांडेय

सुशिल ठाकुर (२८ नवेम्बर, १९३१-२१, जून २०१६)-डा देवेश ठाकुर

श्रद्धांजलि 

-अरुणा दुबलिश

तुम

शील की तरह थी

जिसमे छुपा था

स्नेह का हरापन

घूप क़ी छु अन

कलियोँ का संग |


हवा में तैरते लम्हौ

में बसी हो

सदियों से साथ हो

सदीयो तक रहोगी

जानी-अजानी सभी

यात्राओके  बीच

साथ चलती  रहोगी

तुम शिला

सुशिला ठाकुर |


-मेरठ  उ. प्र 

        Smt. Arathi and (Late) Smt. Sushila devesh singh thakurji !


                                             I met Dr. Devesh sigh thakurji on 27th April, 2017, at 1 pm.




April 18, 2017

" हिमालया पर्वतीय को आपरेटिव हाउसिंग सोसाइटी" !

वर्ष, १९६३ में ही उत्तरांचल से आकर " हिमालया पर्वतीय को आपरेटिव हाउसिंग सोसाइटी " का शुरुवात किया गया |  

चलिए,  उत्तरांचल के बारे में कुछ सुने,  और सीखे इस यु ट्यूब में (Part 1  & 2)  !

https://youtu.be/jgd0e0J4EjQ

श्री शैलेश सिंग ठाकुरजी : 

शैलेशजी, ने हिमालय पर्वतीय को. आप. सोसाइटी का सेक्रेटरी के रूप में २७ वर्ष काम किया. पहले वे मुम्बई के सयान  में रहते थे |१९६३ में अपने भाई से मिलने केलिए वे आये |  और तभी से  कालोनी में रहने लगे है ।  


मनोहर लाल सुंदरियालजी :



(कालोनि के सब लोग प्यार से उन्हें पंडितजी कहते है )  वर्ष  १९७६ में कॉलोनी मे रहने को आये |  पत्नी : सावित्री बायीं (१९८८ में मृत्यु होगया)  अपने  भतीजा,   डा. आर. आर. सुंदरियालजि के साध रहते हैं | डा. आर. आर. सुंदरियाल, ओ. एन. जी. सी.  कार्पोरेशन में डेप्युटी जनरल मैनेजर है |उनके बेटे इंजिनियर है | वे अब अमेरिका संयुक्त संस्थान में रहते है | 

कलम सिंग नेगीजी   :  ऑटो मोबाईल ग्यारेज चलाते है | 

दिवान सिंग भंडारीजी  : 


 भंडारीजी, 'कलर केम' कंपनीमें काम करते थे | सन, १९६३ में रहनेको आये उनकी  पत्नी : गौरी देवी |  २ बेटे, और एक लड़की इन का परिवार है | चि. राजेंद्र भंडारी,  मुम्बई हाय कोर्ट में वकील रह चुके है।  

दिलीप सिंग डाफोला  : 

हिंदुस्तान लिवर में टेक्नीकल कक्षा में  काम करते थे | पत्नी ; आनंद कलावती, और बेटा, आनंद डाफोला  :

आनंद डफोला  :

जुहू सेंटार होटल में फूड और बेवरेज कक्ष में काम करते  थे | २२ वर्ष के बाद कंपनी छोड़ना पड़ा | पत्नी : देवकी डाफोला | एक बीटा इवेंट मैनेजर,  और एक लड़की बिरला कंपनीमें काम करती  है

श्री. तारा दत्त फिलोरियाजी : 

Some foresighted, progressive  persons from UP (Now Uttarakhand) used to meet at Bengal club, Parel :

Hayat singh bisht, Prem singh Danwal, Umed singh bisht, Kashiram sati, Rajaram, Balam singh, N.B.Johi, Shiv sharma, M.D. Pathal helped to establish the  Himalaya parvatiya  sangh established for the firsht time, in 1935. 

In 1952  it was registered.  At 4, Gope house, Parel Mumbai. Shri. Durga  singh Bisht was the secretary. Harish chandra tiwari, Tara datt pandey, Ghanashyam sing, Durga singh negi, etc; 

In the year 1962, for the first time Ramalila Natak was conducted at Parel, Railway office grounds. This organised for 10 days and BEST Authorities arranged night buses for the people who attended the program. Film actors like Johny walker, and Asha parikh attended the program.

Sangh tried to purchase Lands for their housing project, at  at various places places,  like, Dharavi and other places.  But the present Himalay society was approved because, it was very big and land prizes were comparitively less. 

In 1968 M.S.Joshi, Credit coperative soc,  parel, 2.Himalaya credit society,3.  Kumaon  Urban credit  society (1968-1985) 

During 1978s, Govind nagar, was a big area starting from the gate of Home guards  to Hitesh apts. 

In 1975-76 members  paid the  dues. For paying the dues  Hsg society  auctioned the sites and paid the dues of Rs.30,000/- In 1982,  5 bldg were built. 

Secretaries :

Shri. Phuloria was the secretary for  5 years. 1977-82, Shri. L.P.Uniyal was the secretary  for some time. 1984 to 2011 Shri. Shailesh singh thakur for 27 years.

The new managing committe was elected. Bhanushali members were elected. 

1932 At Parel near KEMhospital Bengali club a few used to sit in the evening and discuss to form an association and housing society.1952 registered. Took one room in Gope building.later one more room was added. credit co.op.socity formed 4,000 members. People  from uttranchal working in and around Thane, were allowed.

1962 land acquired.  1964  Mrs.Parera filed a petition in the court. So construction stoppedd By 1969 5 buildings were built.ABCDE later in 1985-90 B1 and F  were added.


Shri.Fulariaji, 1969 May came to Himalaya colony. Stayed in E one room kitchen Then  shifted to Ain 1975 ground floor and staying presently there. 1,250  Sq.ft. built up area.(859 Carpet area)1980 Paathak, Balodi, Pande, Rautela etc


Tara dat phuloria (T.D) : Sakinaka Aditya textile Indutries, Manufactureing Artificial Rayon and Velvet, worked as Accountant, 1965 com closedd.upto 1975 worked home,1980 stopped 4 years no work (1980-84)Aggarwal builders.1983 Chembur, 16 years worked as accountat.2001,May,  Went to USA to meet his son. Stayed 6months. Wife Smt. Tulsi devi. Two sons and one daughter.


1.Jagdish, IIT,MBA,(Narsee Monjee College of Commerce  and Economisc)N.M.College Parle,Got a job in USA 2. Chandrasekhar, M.A.MBA, Airport Authority of India Head of the Dept of  Hindi ..One girl,Kanul, marrid  to Colonel and staying in Pune,

Himalayeshwar mahadev temple : 

Mr. Pathak and friends.Balodi pande Rautela (Chairman) Khanddapal Secretary,Nain sigh members,Kashiram,(Promodkar's father) Sawant, Sati,







श्री. तिवारीजी : 

पिताजी, बदरीदत्त तिवारीजी मुम्बई महानगर के हिंदुस्थान लिवर कंपनी में आचमन के रूप में काम करतेथे | उनके मित्र श्री शेर सिंगरोटेला जी, हिंदुस्तान लिवर कंपनी में फॉर मन थे | उनके  कहने पर, हिमालय पर्वतीय को ऑपरेटिव हाउसिंग सोसाइटी में रहनेको आये. ५ बिल्डिंग तैयार था | नया सिंग रावत कालोनी के एक थे| ई,डि, ए और बी का अनुक्रम में लोग रहनेको आये. उनदिनोंमे तैयार हुवा बिल्डिंग्स इस प्रकार है  :

१. वनरोज़  २. वैभव, ३. शंकर कुंज, ४. नित्यश्री, आदि. 

हिमालय पर्वतीय को. आप. हाउसिंग सोसाइटी के इतिहास :

श्री एम्. डि. बलोड़ा पहले सेक्रेटरी बने | नंतर श्री. शैलेश ठाकुर बने. उनके बड़े भाई थे, श्री देवेश ठाकुर, एक विद्वान् और कवी थे।  श्री तिवारी जी का जन्म, १९६० में  १२ तारीख हुवा।  वे मेक्यानिकल इंजीनियरिंग में डिप्लोमा पा चुके थे|  टी  मानेक लाल टेक्सटाइल कंपनीमें  सर्विस इंजीनयर के रूप में पद संभाला श्रीमति प्रेमजी उनके पत्नी है. प्रेमजी गुरु नानक हाईस्कूल में हिंदी शिक्षिका  के रूप में काम करती थी | यह  दम्पतीके लिए एक पुत्री है.  चि अमेरिका के बॉस्टन नगर में, एम्. इस. कर रही है |  

श्री. हंसा दत्त पांडेजी :  मर्चेंट नेवि में  अफसर के रूप में काम किया. अब वे सेवानिवृत हो चुके है  | 








April 16, 2017

श्री. रमेश भानुशालीजी योगाभ्यास कर रहे है !

श्री. रमेश भानुशालीजी योगाभ्यास कर रहे है  

रमेशजी, कई आसन करते आये है  | उनमे से 'शीर्षासन' अत्यंत महत्व रखता है  |  सभी घर में शीर्षासन आसानीसे करलेते है; लेकिन, सार्वजनिक उद्यान में बेंच के ऊपर शीर्षासन करना आसान नहीं है  |

लेकिन, रमेशजी, पेहलेसेही अभ्यास कर चुके है | इस लिए उन्हें ज्यादा कठिनाईया महसूस नहीं होता   | लेकिन, ५० वर्ष के बाद शीर्षासन करने के पहले डॉक्टर का सुझाव लेना जरुरी है  |