November 6, 2016

महर्षि पतंजलि(Maharishi Patanjali) भारत के प्रथम योग गुरु थे !

न दिनोमे देश के हर एक युवक योग करना पसंद करता है । पतांजलि महर्षि ने योग विद्या विधिपूर्वक बताया है, लेकिन हमें इस महान विद्या को सही ढंग से करके इस का फाइदा लेना है  । अपने प्यारे पंत प्रधानि श्री नरेंद्र मोदी ने योग विद्या पर जोर दिया है. अब दुनिया के सभी देशवासी इस महान विद्या का लाभ उठा रहे है ।  

महर्षि पतंजलि(Maharishi Patanjali) भारत के प्रथम योग गुरु थे| वह व्याकरण आचार्य पाणिनि के शिष्य थे| इनका जनम गोनारघ(गोनिया) नामक स्थान पर हुआ था लेकिन बाद में वह काशी के नागकूप में बस गए थे| महर्षि पतंजलि को शेषनाग का अवतार मानकर उनकी पूजा भी की जाती हैं|पतंजलि द्वारा रचित तीन ग्रन्थ प्रमुख हैं|


1.  योगसूत्र


2.  अस्टध्यायी पर भाष्य


३.  पतांजलि योगविद्य

The resident of Himalaya CHS, Shri. Pariharji, was performing Shirsasan, Vajrasan, and Padmasan in the Joggers' park. I was very much impressed and requested him whether his photo could be displayed on the social network media like FACE BOOK.  He readily agreed. Next day he came well prepared and did the Asanas  with out any hassles, on lawn, and on the stone bench as well  !


Yo






Shri. Parihar with his wife, Smt. Parihar

Previously Shri. Ramesh bhanushaliji  also performed Shirshasan on the ground. He promised me to perform on Stone bench. But he has to keep up his words now

Similarly Shri. Anand dapolaji says that he has many Asanas to his credit. But I'm waiting for him to perform those Asanas 





November 4, 2016

नव्हेम्बर महीना में !

                                       नव्हेम्बर महीना में !

       वरिष्ठ नागरिक सदस्य, श्री भवानीदत्त  कापडीजी, गार्डन में तीन महीनेके बाद आये है ।

                                                                   

                                                   सभी मित्रों के साथ,

                                     करेन उनकी बेटी और कशिश के  साथ 

                                              कशिश केटलिन से बहुत प्यार करती है  



                                                  श्री तिवारीजी और श्रीमती प्रेमा तिवारीजी